क्या हुआ बच्चा रो रहा है ग्राइप वॉटर दिया क्या

क्या हुआ बच्चा रो रहा है ग्राइप वॉटर दिया क्या क्या हुआ बच्चा रो रहा है ग्राइप वॉटर दिया क्या

रोते हुए बच्चे को शांत करने के लिए ग्राइप वॉटर का इस्तेमाल किया जा सकता है  मगर  मांओं को यह जरूर जान लेना चाहिए कि ग्राइप वॉटर बच्‍चे के लिए सुरक्षित है के नहीं। 
छोटे बच्‍चे रोते-रोते  ही अपनी बात समझाने की कोशिश करता है। बच्‍चे की भाषा को मां से बेहतर और कोई नहीं समझ सकता है। मगर बच्‍चे का रोना सामान्‍य बात है। पेट भरा होने पर भी बच्चा  बुहत ज्‍यादा रो सकता है। उसका कारण यह है पेट दर्द करना अन्य किसी  बात  पर से बच्‍चा रोता है। बच्‍चे को अच्छी नींद और रोते हुए को बंद करने के लिए ग्राइप वॉटर पर वि
भरोसा किया जा सकता  है। आइए जानते हैं के बच्चे को देने
जाने वाला ग्राइप वॉटर कितना सुरक्षित है।
​क्‍या होता है ग्राइप वॉटर में 


बच्चे में कोलिक के लक्षणों से रा‍हत दिलाने के लिए बिना कई प्रोडक्‍ट मिलते हैं। आपको इनमें से वही  प्रोडक्ट चुनना चाहिए जो सुरक्षित हो। ग्राइप वॉटर लिक्विड रूप में आता है और यह एक आयुर्वेदिक प्रोडक्ट है इसमें सौंफ, अदरक, कैमोमाइल, मुलेठी, दालचीनी और लेमन बाम होता है।
गैस होने पर पेट दर्द की वजह से बच्‍चे ज्‍यादा रोते हैं। कुछ बच्‍चे दिन में लगातार कई घंटों तक रोते हैं तो कुछ  कहीं हफ्ते तक देखी जा सकती है। चूंकि, जड़ी-बूटियां पाचन में मदद करती हैं इसलिए ग्राइप वॉटर का जरूर से जरूर इस्तेमाल करना चाहिए कोलिक से राहत पाने के लिए किया जा सकता है। दांत आने पर दर्द होने और हिचकी के लिए भी ग्राइप वॉटर का इस्तेमाल  किया जा सकता  है।
कई तरह के ग्राइप वॉटर होते हैं। शुगर और एल्‍कोहल युक्‍त ग्राइप वॉटर भी आता है। बहुत ज्‍यादा शुगर की वजह से दांतों में कीड़ा गिर सकता है और इससे बच्चेके दूध पीने में भी बदलाव आ सकता है।

आप ऐसे ग्राइप वॉटर को चुनें जो शिशु के लिए सुरक्षित हों। पैकेट पर लिखी गई सामग्रियों को अच्‍छी तरह से पढ़ने के बाद ही खरीदें। आप सोडियम बायोकार्बोनेट और पुदीना युक्‍त ग्राइप वॉटर भी दे सकते हैं।
सोडियम बायोकार्बोनेट या बेकिंग सोडा डॉक्‍टर की सलाह के बिना  बेबी को नहीं देना चाहिए। इससे शिशु के पेट में पीएच लेवल पर असर पड़ सकता है और बालक गंभीर हो सकते हैं।

पुदीना युक्‍त ग्राइप वॉटर शिशु में रिफलक्‍स के लक्षणों को बढ़ा सकता है। ग्‍लूटेन, डेयरी, पैराबींस और वेजिटेबल कार्बन युक्‍त ग्राइप वॉटर देने से भी बचना चाहिए।
आमतौर पर ग्राइप वॉटर शिशु के लिए सुरक्षित होता है लेकिन एक महीने से कम उम्र के शिशु को इसकी सलाह नहीं दी जाती है। इस उम्र तक शिशु के पाचन तंत्र का विकास हो रहा होता है।
​शिशु को कब दें ग्राइप वॉटर
ग्राइप वॉटर के उत्‍पादक यह दावा करते हैं दो सप्‍ताह तक के शिशु को ग्राइप वॉटर दिया जा सकता है। हालांकि, एक महीने के होने तक शिशु को ग्राइप वॉटर नहीं देना चाहिए। कई लोगों का यह भी मानना है कि छह महीने तक के शिशु को ब्रेस्‍ट मिल्‍क या फॉर्मूला मिल्‍क ही देना चाहिए।
इसलिए बेहतर होगा कि शिशु को ग्राइप वॉटर देने से पहले बच्चे के डॉक्टर से बात कर ले  दूध पिलाने के लगभग दस मिनट बाद शिशु को ग्राइप वॉटर देना सही रहता है। आप चम्मच से या ड्रॉपर से ग्राइप वॉटर दे सकती हैं।

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